MACD – मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस इंडिकेटर क्या है?

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शेयर बाजार में सफल ट्रेडिंग करना एक कठिन काम है। इसके लिए न केवल तकनीकी विश्लेषण का गहरा ज्ञान होना आवश्यक है, बल्कि बाजार की गतिविधियों को समझने की भी आवश्यकता है। ट्रेडिंग में सफलता पाने के लिए कई उपकरण और तकनीकें उपलब्ध हैं। आज हम एक ऐसे ही शक्तिशाली उपकरण के बारे में बात करेंगे जिसे MACD (मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस) इंडिकेटर कहा जाता है।

MACD इंडिकेटर एक मोमेंटम ऑसिलेटर है जो बाजार की गति और दिशा को मापता है। यह बताता है कि कीमतें किस गति से बढ़ या घट रही हैं। जब कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो MACD लाइन भी ऊपर की ओर बढ़ती है, और जब कीमतें गिरती हैं, तो MACD लाइन नीचे की ओर जाती है। लेकिन MACD का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि यह हमें बताता है कि क्या मौजूदा बाजार की गति बनाए रखी जाएगी या इसमें बदलाव आएगा।

MACD इंडिकेटर में तीन प्रमुख घटक होते हैं – MACD लाइन, सिग्नल लाइन और MACD हिस्टोग्राम। MACD लाइन एक फास्ट लाइन है जो बाजार के हालिया मूवमेंट को दर्शाती है। यह 12-दिन और 26-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के अंतर से बनती है। दूसरी ओर, सिग्नल लाइन एक स्लो लाइन है जो MACD लाइन के 9-दिन के EMA से बनती है। यह बाजार के लंबे समय के मूवमेंट को दर्शाती है।

जब MACD लाइन सिग्नल लाइन से ऊपर होती है, तो हिस्टोग्राम पॉजिटिव होता है और जब MACD लाइन सिग्नल लाइन से नीचे होती है, तो हिस्टोग्राम नेगेटिव होता है। हिस्टोग्राम के आकार से पता चलता है कि MACD लाइन और सिग्नल लाइन कितनी दूर हैं। जब दोनों लाइनें एक-दूसरे के करीब आती हैं, तो हिस्टोग्राम छोटा हो जाता है, और जब वे दूर जाती हैं, तो हिस्टोग्राम बड़ा हो जाता है।

अब सवाल यह है कि हम इस इंडिकेटर का उपयोग कैसे करें और इससे किस प्रकार के संकेत प्राप्त करें। सबसे महत्वपूर्ण संकेत MACD क्रॉसओवर है। जब MACD लाइन सिग्नल लाइन को नीचे से ऊपर की ओर पार करती है, तो इसे बुलिश क्रॉसओवर कहा जाता है। यह एक खरीदारी का संकेत है और इसका मतलब है कि बाजार में तेजी आने वाली है। दूसरी ओर, जब MACD लाइन सिग्नल लाइन को ऊपर से नीचे की ओर पार करती है, तो इसे बेयरिश क्रॉसओवर कहा जाता है। यह एक बिक्री का संकेत है और इसका मतलब है कि बाजार में गिरावट आने वाली है।

एक और महत्वपूर्ण बिंदु है जीरो लाइन या सेंटर लाइन। जब MACD लाइन और सिग्नल लाइन इस लाइन के ऊपर होती हैं, तो यह बताता है कि बाजार में तेजी है। दूसरी ओर, जब ये दोनों लाइनें जीरो लाइन के नीचे होती हैं, तो यह बताता है कि बाजार में मंदी है। इसलिए, जब MACD लाइन और सिग्नल लाइन जीरो लाइन को पार करती हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण संकेत होता है।

MACD इंडिकेटर से ट्रेड कब लें

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते समय, ट्रेडर्स को सही समय पर ट्रेड लेने का निर्णय लेना महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए एक प्रमुख टूल है एमएसीडी इंडिकेटर, जिसका उपयोग ट्रेंड की परिवर्तन की सूचना देने के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से, ट्रेडर्स को बाजार के बुलिश या बेयरिश होने का पता लगाने में मदद मिलती है।

बुलिश क्रॉसओवर (Bullish Crossover): जब एमएसीडी इंडिकेटर में मूल्य की गति को दर्शाने वाली MACD लाइन सिग्नल लाइन को नीचे से ऊपर पार करती है, तो यह बाजार में बुलिश की संकेत देता है। इस प्रकार के क्रॉसओवर को जीरो लाइन के ऊपर होने पर अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बाद, ट्रेडर्स खरीदारी में ट्रेड करते हैं।

बेयरिश क्रॉसओवर (Bearish Crossover): जब एमएसीडी इंडिकेटर में MACD लाइन सिग्नल लाइन को ऊपर से नीचे काटती है, तो यह बाजार में बेयरिश की संकेत देता है। इस प्रकार के क्रॉसओवर को जीरो लाइन के नीचे होने पर अधिक प्रभावी माना जाता है। इसके बाद, ट्रेडर्स बाजार में शॉर्ट सेलिंग करते हैं और बाजार में गिरावट का लाभ उठाते हैं।

एमएसीडी लाइन और सिग्नल लाइन जब एक-दूसरे के पास आते हैं, तो ट्रेंड के रिवर्सल का संकेत मिलता है। इस प्रकार के क्रॉसओवर को ध्यान में रखते हुए, ट्रेडर्स अपने निवेश को समय पर और सही ढंग से मूव कर सकते हैं।

ध्यान रखें, एमएसीडी इंडिकेटर का उपयोग करने से पहले, ट्रेडर्स को इसके बारे में अच्छी तरह से समझना चाहिए और प्रैक्टिस करना चाहिए। इससे ट्रेडर्स को सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और उन्हें अच्छे नतीजे मिलेंगे।

Disclaimer: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये kpinvestinghub.com के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें. यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और इसे किसी भी प्रकार के निवेश या वित्तीय निर्णय के लिए सीधे सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले, sebi registered इन्वेस्टर का व्यापक विचार-विमर्श और यथासंभव स्वतंत्र पेशेवर सलाह लेनी चाहिए। हमारी कोई भी सिफारिश या जानकारी व्यक्तिगत परिस्थितियों के बारे में नहीं है और इसलिए उस पर निर्भर नहीं होना चाहिए। हम इस जानकारी में किसी भी त्रुटि के लिए उत्तरदायित्व या जिम्मेदारी नहीं स्वीकार करते हैं।

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